देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या 43 हजार के करीब पहुंची, बीते 24 घंटे में 83 लोगों की मौत

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देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या 43 हजार के करीब पहुंची, बीते 24 घंटे में 83 लोगों की मौत

Coronavirus India Latest News: भारत में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 43 हजार के करीब पहुंचा.

नई दिल्ली:

Coronavirus India Update: भारत में कोरोनावायरस (Coronavirus) का कहर बढ़ता ही जा रहा है. देश में जारी लॉकडाउन (COVID-19 Lockdown) के बावजूद संक्रमितों का आंकड़ा 43 हजार के करीब पहुंच गया है. सोमवार शाम को स्वास्थ्य मंत्रालय (Health Ministry) की ओर से जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक भारत में कोरोनावायरस संक्रमितों की संख्या 42836 हो गई है. पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2573 नए मामले सामने आए हैं और इस दौरान 83 लोगों की मौत हुई है. वहीं, देश में कोरोना से अब तक 1389 लोगों की मौत हो चुकी है, हालांकि राहत की बात यह है कि 11762 मरीज इस बीमारी को हराने में कामयाब भी हुए हैं. बता दें कि देश में कोरोना के बढ़ते मामले को देखते हुए लॉकडाउन को 17 मई तक के लिए बढ़ा दिया गया है. बता दें कि देश में दूसरे चरण का लॉकडाउन तीन मई तक था, लेकिन गृह मंत्रालय ने इसे बढ़ाकर 17 मई तक कर दिया है. हालांकि इसमें कुछ रियायत भी दी गई है.

उधर, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सोमवार को ऐलान किया कि देशभर में फंसे मजदूरों के घर वापस जाने के लिए रेलयात्रा का खर्च कांग्रेस पार्टी उठाएगी. कांग्रेस ने ट्वीट करते हुए लिखा है, ‘भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने यह निर्णय लिया है कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी की हर इकाई हर जरूरतमंद श्रमिक व कामगार के घर लौटने की रेल यात्रा का टिकट खर्च वहन करेगी व इस बारे जरूरी कदम उठाएगी.’ पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी का बयान ट्वीट किया गया है.

सोनिया गांधी ने कहा है, ‘श्रमिक व कामगार देश की रीढ़ की हड्डी हैं. उनकी मेहनत और कुर्बानी राष्ट्र निर्माण की नींव है. सिर्फ चार घंटे के नोटिस पर लॉकडाऊन करने के कारण लाखों श्रमिक व कामगार घर वापस लौटने से वंचित हो गए. 1947 के बंटवारे के बाद देश ने पहली बार यह दिल दहलाने वाला मंजर देखा कि हजारों श्रमिक व कामगार सैकड़ों किलोमीटर पैदल चल घर वापसी के लिए मजबूर हो गए. न राशन, न पैसा, न दवाई, न साधन, पर केवल अपने परिवार के पास वापस गांव पहुंचने की लगन. उनकी व्यथा सोचकर ही हर मन कांपा और फिर उनके दृढ़ निश्चय और संकल्प को हर भारतीय ने सराहा भी. पर देश और सरकार का कर्तव्य क्या है?

आज भी लाखों श्रमिक व कामगार पूरे देश के अलग अलग कोनों से घर वापस जाना चाहते हैं, पर न साधन है, और न पैसा. दुख की बात यह है कि भारत सरकार व रेल मंत्रालय इन मेहनतकशों से मुश्किल की इस घड़ी में रेल यात्रा का किराया वसूल रहे हैं. ‘



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